पाठ्यचर्या (Curriculum) शिक्षा (Education) की वह व्यापक एवं सुनियोजित (Planned) व्यवस्था है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों (Learners) के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए विद्यालय (School) विभिन्न प्रकार के शिक्षण-अधिगम अनुभव (Learning Experiences) प्रदान करता है। आधुनिक शिक्षा (Modern Education) में पाठ्यचर्या (Curriculum) का अर्थ केवल विषयों (Subjects) या पाठ्यवस्तु (Content) तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय (School) के भीतर तथा बाहर (Inside and Outside School) विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त सभी अनुभव (Experiences) इसका हिस्सा माने जाते हैं।
Curriculum शब्द की उत्पत्ति लैटिन (Latin) भाषा के Currere शब्द से हुई है, जिसका अर्थ दौड़ का मार्ग (Race Course) या निर्धारित पथ (Course to be Covered) होता है। जिस प्रकार धावक (Runner) निश्चित मार्ग (Track) पर चलकर अपने लक्ष्य (Goal) तक पहुँचता है, उसी प्रकार विद्यार्थी (Learner) भी शिक्षा (Education) के निर्धारित अनुभवों (Planned Experiences) से गुजरते हुए अपने शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Objectives) को प्राप्त करता है।
वर्तमान समय में पाठ्यचर्या (Curriculum) को केवल क्या पढ़ाया जाए (What to Teach) तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि इसमें कैसे पढ़ाया जाए (How to Teach), क्यों पढ़ाया जाए (Why to Teach), कब पढ़ाया जाए (When to Teach) तथा कैसे मूल्यांकन किया जाए (How to Assess) जैसे सभी पहलुओं को सम्मिलित किया जाता है। इस प्रकार पाठ्यचर्या (Curriculum) शिक्षण (Teaching), अधिगम (Learning), मूल्यांकन (Assessment), सह-पाठ्यक्रम (Co-Curricular Activities) एवं विद्यालयी अनुभवों (School Experiences) का समन्वित स्वरूप (Integrated Framework) है।




















