Disclaimer: It is not an official website.

Observation JTET Notes [अवलोकन]

Published on:
WhatsApp Channel
Join Now
Telegram Channel
Join Now

अवलोकन (Observation) आकलन (Assessment) की सबसे प्राचीन, सरल एवं प्रभावी तकनीकों (Techniques) में से एक है। इसमें शिक्षक (Teacher) विद्यार्थियों के व्यवहार (Behaviour), गतिविधियों (Activities), रुचियों (Interests), सहभागिता (Participation), सामाजिक संबंधों (Social Relationships) तथा अधिगम (Learning) को प्रत्यक्ष रूप से देखकर आवश्यक जानकारी (Information) एकत्रित करता है।

अवलोकन (Observation) का मुख्य उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को देखना नहीं है, बल्कि उनके व्यवहार (Behaviour), सोच (Thinking), कार्य करने की शैली (Working Style) तथा समस्याओं (Problems) को समझना होता है। इस तकनीक के माध्यम से शिक्षक यह जान सकता है कि विद्यार्थी कक्षा (Classroom), खेल (Playground), समूह कार्य (Group Work) अथवा अन्य गतिविधियों (Activities) में किस प्रकार का व्यवहार करते हैं।

शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया (Teaching-Learning Process) में अवलोकन (Observation) का विशेष महत्व है क्योंकि इसके माध्यम से विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति (Actual Performance) का पता चलता है। यह केवल परीक्षा (Examination) के परिणामों पर आधारित नहीं होता बल्कि दैनिक व्यवहार (Daily Behaviour) पर आधारित होता है।

अवलोकन की प्रमुख विशेषताएँ (Characteristics of Observation)

विशेषता (Characteristic)विवरण
प्रत्यक्ष अध्ययन (Direct Study)विद्यार्थी का व्यवहार सीधे देखा जाता है।
प्राकृतिक वातावरण (Natural Setting)विद्यार्थी को उसके वास्तविक वातावरण में देखा जाता है।
सतत प्रक्रिया (Continuous Process)आवश्यकता अनुसार बार-बार किया जा सकता है।
वस्तुनिष्ठता (Objectivity)निष्पक्ष एवं वास्तविक जानकारी प्राप्त होती है।
व्यवहार अध्ययन (Behaviour Study)व्यवहार, रुचि, अभिवृत्ति एवं सामाजिक संबंधों का अध्ययन किया जाता है।

अवलोकन के उद्देश्य (Objectives of Observation)

अवलोकन (Observation) का उपयोग अनेक शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) की पूर्ति के लिए किया जाता है।

  • विद्यार्थियों के व्यवहार (Behaviour) का अध्ययन करना।
  • सीखने की कठिनाइयों (Learning Difficulties) की पहचान करना।
  • रुचियों (Interests) एवं अभिरुचियों (Aptitudes) को समझना।
  • सामाजिक समायोजन (Social Adjustment) का मूल्यांकन करना।
  • शिक्षण विधियों (Teaching Methods) की प्रभावशीलता जानना।
  • विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं (Individual Needs) को पहचानना।

अवलोकन के प्रकार (Types of Observation)

शिक्षा (Education) में विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार अनेक प्रकार के अवलोकन (Observation) किए जाते हैं।

अवलोकन के प्रकार

प्रकारअर्थ
अनौपचारिक अवलोकन (Casual Observation)बिना किसी पूर्व योजना के सामान्य परिस्थितियों में किया गया अवलोकन।
औपचारिक अवलोकन (Formal Observation)निश्चित उद्देश्य एवं पूर्व योजना के अनुसार किया गया अवलोकन।
प्रत्यक्ष अवलोकन (Direct Observation)शिक्षक स्वयं विद्यार्थी का प्रत्यक्ष निरीक्षण करता है।
अप्रत्यक्ष अवलोकन (Indirect Observation)अन्य व्यक्तियों या उपलब्ध अभिलेखों से जानकारी प्राप्त की जाती है।
असंरचित अवलोकन (Unstructured Observation)पूर्व निर्धारित मापदण्ड (Criteria) के बिना किया गया अवलोकन।
संरचित अवलोकन (Structured Observation)निश्चित संकेतकों (Indicators) एवं मानकों (Standards) के आधार पर किया गया अवलोकन।
सहभागी अवलोकन (Participant Observation)पर्यवेक्षक (Observer) स्वयं समूह का सदस्य बनकर अवलोकन करता है।
असहभागी अवलोकन (Non-Participant Observation)पर्यवेक्षक केवल निरीक्षण करता है, गतिविधियों में भाग नहीं लेता।

अवलोकन के लाभ (Advantages of Observation)

लाभविवरण
वास्तविक जानकारी (Real Information)विद्यार्थी का वास्तविक व्यवहार सामने आता है।
निरंतर मूल्यांकन (Continuous Assessment)समय-समय पर प्रगति का अध्ययन किया जा सकता है।
व्यवहार अध्ययन (Behaviour Analysis)सामाजिक एवं भावनात्मक विकास का मूल्यांकन संभव होता है।
व्यक्तिगत मार्गदर्शन (Individual Guidance)प्रत्येक विद्यार्थी की आवश्यकता के अनुसार सहायता दी जा सकती है।
सरल तकनीक (Simple Technique)किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।

अवलोकन की सीमाएँ (Limitations of Observation)

सीमा (Limitation)विवरण
पक्षपात की संभावना (Possibility of Bias)पर्यवेक्षक की व्यक्तिगत राय परिणाम को प्रभावित कर सकती है।
समय की आवश्यकता (Time Consuming)प्रत्येक विद्यार्थी का अवलोकन करने में अधिक समय लगता है।
प्रशिक्षण आवश्यक (Need of Training)प्रभावी अवलोकन के लिए शिक्षक को प्रशिक्षण आवश्यक होता है।
सभी व्यवहारों का अध्ययन कठिन (Limited Scope)हर व्यवहार का सही मूल्यांकन हमेशा संभव नहीं होता।
Photo of author
Published by
Ravi Kumar, Founder of JAC Portal (Jharkhand), shares latest JAC Board updates, study materials (Class 8–12), and JTET notes to help students with accurate and useful information.

Latest Posts