कक्षा 8 विज्ञान का अध्याय “घर्षण” भौतिक विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें हम घर्षण बल (Friction Force) की प्रकृति, उसके प्रकार, कारण, प्रभाव तथा दैनिक जीवन में उसके उपयोग के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं। घर्षण हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है—हम चल पाते हैं, लिख पाते हैं, वाहन चला पाते हैं—ये सब घर्षण के कारण ही संभव है। हालांकि, घर्षण कभी-कभी हानिकारक भी होता है क्योंकि यह ऊर्जा की हानि करता है और वस्तुओं को घिसता है। इस अध्याय का उद्देश्य घर्षण के संतुलित उपयोग और नियंत्रण को समझाना है।

| पाठ्यपुस्तक | NCERT |
| कक्षा | 8वीं |
| विषय | विज्ञान |
| अध्याय का नाम | घर्षण |
| माध्यम | हिंदी |
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घर्षण क्या है (What is Friction)
जब दो वस्तुएँ आपस में संपर्क में होती हैं और उनमें से एक वस्तु दूसरी के सापेक्ष गति करने का प्रयास करती है, तो उस गति का विरोध करने वाला बल घर्षण बल कहलाता है।
सरल शब्दों में
घर्षण वह बल है जो वस्तुओं की गति को धीमा या रोकता है।
उदाहरण
फर्श पर बक्सा खींचना
साइकिल चलाना
कागज पर पेंसिल से लिखना
घर्षण के प्रकार (Types of Friction)
घर्षण को मुख्यतः चार प्रकारों में विभाजित किया जाता है:
1. स्थैतिक घर्षण (Static Friction)
जब कोई वस्तु स्थिर होती है और उसे गति में लाने का प्रयास किया जाता है, तो उस समय जो घर्षण कार्य करता है, उसे स्थैतिक घर्षण कहते हैं।
उदाहरण
भारी मेज को धकेलने का प्रयास
2. सर्पी घर्षण (Sliding Friction)
जब कोई वस्तु सतह पर सरकती है, तो उस समय लगने वाला घर्षण सर्पी घर्षण कहलाता है।
उदाहरण
फर्श पर बक्सा घसीटना
3. लोटनिक घर्षण (Rolling Friction)
जब कोई वस्तु लुढ़कती है, तो उसके और सतह के बीच जो घर्षण लगता है, उसे लोटनिक घर्षण कहते हैं।
उदाहरण
गेंद का लुढ़कना
4. तरल घर्षण (Fluid Friction)
जब कोई वस्तु द्रव या गैस में गति करती है, तो उस गति का विरोध करने वाला बल तरल घर्षण कहलाता है।
उदाहरण
हवा में विमान की गति
पानी में तैरना
तुलना तालिका
| प्रकार | स्थिति | घर्षण की मात्रा |
|---|---|---|
| स्थैतिक | रुकी हुई वस्तु | अधिक |
| सर्पी | सरकती वस्तु | मध्यम |
| लोटनिक | लुढ़कती वस्तु | कम |
| तरल | द्रव/गैस में | परिवर्तनीय |
घर्षण का कारण (Cause of Friction)
घर्षण का मुख्य कारण सतहों की सूक्ष्म असमानताएँ (Irregularities) होती हैं।
विस्तृत व्याख्या
भले ही कोई सतह हमें चिकनी दिखाई दे, लेकिन सूक्ष्म स्तर पर उसमें बहुत सारी ऊँच-नीच होती है। जब दो सतहें संपर्क में आती हैं, तो ये असमानताएँ आपस में फँस जाती हैं, जिससे गति का विरोध होता है।
घर्षण को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Friction)
प्रमुख कारक
1. सतह की प्रकृति
खुरदरी सतह → अधिक घर्षण
चिकनी सतह → कम घर्षण
2. संपर्क में आने वाले पदार्थ
रबर और सड़क → अधिक घर्षण
बर्फ और धातु → कम घर्षण
3. दाब (Pressure)
अधिक दबाव → अधिक घर्षण
4. सतहों की जकड़
जितनी अधिक जकड़, उतना अधिक घर्षण
घर्षण: मित्र और शत्रु (Friction as Friend and Foe)
घर्षण के लाभ (Advantages of Friction)
हम चल पाते हैं
हम लिख पाते हैं
वाहन ब्रेक लगाते हैं
निर्माण कार्य संभव होता है
घर्षण के नुकसान (Disadvantages of Friction)
ऊर्जा की हानि (उष्मा में)
मशीनों का घिसाव
गति में कमी
ईंधन की खपत बढ़ती है
स्नेहक (Lubricants)
वे पदार्थ जो दो सतहों के बीच घर्षण को कम करते हैं, स्नेहक कहलाते हैं।
उदाहरण
तेल
ग्रीस
ग्रेफाइट
कार्य
सतहों के बीच परत बनाते हैं
सीधा संपर्क कम करते हैं
घर्षण घटाते हैं
घर्षण को कम करने के उपाय (Methods to Reduce Friction)
| उपाय | विवरण |
|---|---|
| स्नेहक का प्रयोग | तेल/ग्रीस लगाना |
| पहियों का उपयोग | लुढ़कना आसान |
| सतह को चिकना करना | पॉलिश करना |
| वायुगतिकीय डिजाइन | हवा का प्रतिरोध कम |
घर्षण को बढ़ाने के उपाय (Methods to Increase Friction)
| उपाय | विवरण |
|---|---|
| सतह खुरदरी बनाना | टायर में डिजाइन |
| सही पदार्थ का चयन | रबर का उपयोग |
| दाब बढ़ाना | वजन बढ़ाना |
कर्षण (Drag)
तरल या गैस द्वारा लगाए गए घर्षण बल को कर्षण कहा जाता है।
उदाहरण
हवा में उड़ता विमान
पानी में तैरता जहाज
दैनिक जीवन में घर्षण का महत्व
घर्षण के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है।
उपयोग
चलना
लिखना
वाहन चलाना
चीजों को पकड़ना
वैज्ञानिक और तकनीकी उपयोग
मशीन डिजाइन
वाहन निर्माण
खेल उपकरण
एयरोडायनामिक्स
महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)
घर्षण गति का विरोध करता है
चार प्रकार के घर्षण होते हैं
सतह की प्रकृति महत्वपूर्ण है
स्नेहक घर्षण कम करते हैं
घर्षण आवश्यक भी है और हानिकारक भी
निष्कर्ष (Conclusion)
“घर्षण” अध्याय हमें यह समझने में मदद करता है कि यह बल हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है। यह न केवल हमारी दैनिक गतिविधियों को संभव बनाता है, बल्कि हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह भी सिखाता है कि घर्षण को कहाँ कम करना चाहिए और कहाँ बढ़ाना चाहिए। यदि इस अध्याय को अच्छे से समझ लिया जाए, तो छात्र परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं और वास्तविक जीवन में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।



