कक्षा 8 विज्ञान का अध्याय “पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण” पर्यावरण विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें हम जैव विविधता, वनों के महत्व, वनोन्मूलन, संकटापन्न प्रजातियाँ तथा संरक्षण के उपायों के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं। वर्तमान समय में तेजी से बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे पौधों और जंतुओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। इस अध्याय का उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और सतत विकास की दिशा में सोच विकसित करना है।

| पाठ्यपुस्तक | NCERT |
| कक्षा | 8वीं |
| विषय | विज्ञान |
| अध्याय का नाम | पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण |
| माध्यम | हिंदी |
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| Class 8th Notes | All Subjects |
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जैव विविधता क्या है (Biodiversity)
जैव विविधता से आशय पृथ्वी पर पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के जीव-जंतुओं, पौधों तथा सूक्ष्मजीवों से है। इसमें उनकी प्रजातियों की विविधता, उनके बीच के संबंध तथा उनके पर्यावरण के साथ संबंध शामिल होते हैं।
जैव विविधता का महत्व
पर्यावरण संतुलन बनाए रखती है
भोजन, औषधि और संसाधन प्रदान करती है
पारिस्थितिक तंत्र को स्थिर बनाती है
वनोन्मूलन (Deforestation)
जब जंगलों को काटकर उनकी भूमि का उपयोग अन्य कार्यों जैसे कृषि, उद्योग या आवास के लिए किया जाता है, तो इसे वनोन्मूलन कहते हैं।
वनोन्मूलन के कारण
कृषि भूमि का विस्तार
घरों और उद्योगों का निर्माण
लकड़ी और ईंधन की आवश्यकता
जनसंख्या वृद्धि
वनोन्मूलन के परिणाम
वनों की कटाई के कारण पर्यावरण और जीवों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
प्रमुख प्रभाव
जैव विविधता में कमी
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापवृद्धि
मृदा अपरदन
बाढ़ और सूखा
वायु प्रदूषण में वृद्धि
वनोन्मूलन का विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव
जंतु जीवन पर प्रभाव
वनों के नष्ट होने से जंतुओं का प्राकृतिक आवास समाप्त हो जाता है, जिससे वे विलुप्त होने लगते हैं।
पर्यावरण पर प्रभाव
कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर प्रभाव
ग्रामीण और आदिवासी लोग अपनी आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर होते हैं, इसलिए वनोन्मूलन उनके जीवन को प्रभावित करता है।
शहरी क्षेत्रों पर प्रभाव
शहरों में तापमान बढ़ता है और जल संकट उत्पन्न होता है।
पृथ्वी और भविष्य पर प्रभाव
वनों के नष्ट होने से पृथ्वी का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधनों की कमी हो सकती है।
मरुस्थलीकरण (Desertification)
मरुस्थलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें उपजाऊ भूमि धीरे-धीरे बंजर भूमि में बदल जाती है। यह मुख्यतः वनोन्मूलन, जलवायु परिवर्तन और अनुचित कृषि पद्धतियों के कारण होता है।
जैवमंडल (Biosphere)
पृथ्वी का वह भाग जहाँ जीवन संभव है, जैवमंडल कहलाता है। इसमें भूमि, जल और वायुमंडल के वे हिस्से शामिल होते हैं जहाँ जीव पाए जाते हैं।
वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation)
वन्यजीवों की रक्षा और संरक्षण के लिए विशेष क्षेत्रों का निर्माण किया जाता है।
वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuary)
यह वह स्थान है जहाँ जंतुओं को सुरक्षित रखा जाता है और उनका शिकार करना प्रतिबंधित होता है।
राष्ट्रीय उद्यान (National Park)
यह बड़े संरक्षित क्षेत्र होते हैं जहाँ जंतु और पौधे प्राकृतिक रूप से विकसित होते हैं।
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve)
ये बड़े क्षेत्र होते हैं जहाँ जैव विविधता और स्थानीय संस्कृति दोनों का संरक्षण किया जाता है।
वनस्पतिजात और प्राणिजात
| प्रकार | विवरण |
|---|---|
| वनस्पतिजात | किसी क्षेत्र के पौधे |
| प्राणिजात | किसी क्षेत्र के जंतु |
विशेष क्षेत्रीय प्रजातियाँ (Endemic Species)
ये वे प्रजातियाँ होती हैं जो केवल एक विशेष क्षेत्र में ही पाई जाती हैं।
उदाहरण
हिमालय का हिम तेंदुआ
पश्चिमी घाट की विशेष वनस्पतियाँ
संकटापन्न प्रजातियाँ (Endangered Species)
वे प्रजातियाँ जिनकी संख्या बहुत कम हो गई है और जो विलुप्त होने के कगार पर हैं।
रेड डाटा पुस्तक (Red Data Book)
यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसमें संकटापन्न प्रजातियों का रिकॉर्ड रखा जाता है।
प्रवास (Migration)
जब जीव मौसम या अन्य कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं, तो इसे प्रवास कहते हैं।
प्रवासी पक्षी
ये पक्षी हर साल मौसम के अनुसार स्थान बदलते हैं।
संरक्षण के उपाय (Conservation Methods)
पुनर्वनरोपण (Reforestation)
कटे हुए वृक्षों के स्थान पर नए वृक्ष लगाना।
कागज का पुनः चक्रण (Recycling)
कागज का पुनः उपयोग करके पेड़ों की कटाई कम की जा सकती है।
वन संरक्षण अधिनियम
सरकार द्वारा बनाए गए नियम जो वनों की रक्षा करते हैं।
संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण उपाय
पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना
वनों की कटाई को नियंत्रित करना
वन्यजीवों की रक्षा करना
पुनः चक्रण को बढ़ावा देना
पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना
महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)
जैव विविधता पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है
वनोन्मूलन पर्यावरण के लिए हानिकारक है
मरुस्थलीकरण भूमि को बंजर बनाता है
वन्यजीव अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं
रेड डाटा बुक संकटापन्न प्रजातियों का रिकॉर्ड रखती है
पुनर्वनरोपण संरक्षण का प्रभावी उपाय है
निष्कर्ष (Conclusion)
“पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण” अध्याय हमें पर्यावरण के महत्व और संरक्षण की आवश्यकता को समझाता है। यह अध्याय हमें यह सिखाता है कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग कैसे किया जाए और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित कैसे रखा जाए। यदि छात्र इस अध्याय की अवधारणाओं को समझ लेते हैं, तो वे न केवल परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में पर्यावरण संरक्षण में योगदान भी दे सकते हैं।







