कक्षा 9 विज्ञान का अध्याय “ऊतक” जीवविज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें हम यह समझते हैं कि समान प्रकार की कोशिकाएँ मिलकर किस प्रकार विशिष्ट कार्य करने के लिए संगठित होती हैं। यह अध्याय हमें पादप ऊतकों और जन्तु ऊतकों की संरचना, प्रकार तथा उनके कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। ऊतक की अवधारणा जीवों की जटिलता को समझने का आधार है, क्योंकि यही ऊतक आगे चलकर अंग और अंग-तंत्र का निर्माण करते हैं।

| पाठ्यपुस्तक | NCERT |
| कक्षा | 9वीं |
| विषय | विज्ञान |
| अध्याय का नाम | ऊतक |
| माध्यम | हिंदी |
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ऊतक क्या है (What is Tissue)
ऊतक कोशिकाओं का वह समूह होता है जिसकी उत्पत्ति समान होती है और जो मिलकर एक विशिष्ट कार्य करते हैं। ये कोशिकाएँ संरचना और कार्य दोनों में समान होती हैं तथा एक संगठित इकाई के रूप में कार्य करती हैं। ऊतक जीवों की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई के रूप में कार्य करते हैं।
ऊतक का महत्व
ऊतक जीवों में कार्यों के विभाजन को संभव बनाते हैं, जिससे कार्य अधिक कुशलता से संपन्न होते हैं। यह जीवों को अधिक संगठित और जटिल बनाते हैं। उदाहरण के लिए, पौधों में विभिन्न ऊतक जल का परिवहन, भोजन निर्माण और सहारा प्रदान करने जैसे कार्य करते हैं।
पादप ऊतक (Plant Tissues)
पादप ऊतक वे ऊतक होते हैं जो पौधों में पाए जाते हैं और उनकी वृद्धि, संरक्षण, परिवहन तथा संरचना से जुड़े कार्य करते हैं।
पादप ऊतकों के प्रकार
पादप ऊतक मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
विभज्योतक ऊतक
स्थायी ऊतक
विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)
यह ऊतक पौधों के उन भागों में पाया जाता है जहाँ कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं। यही ऊतक पौधों की वृद्धि के लिए जिम्मेदार होता है।
विभज्योतक ऊतक के प्रकार
शीर्षस्थ विभज्योतक – जड़ और तने के शीर्ष पर पाया जाता है और लंबाई बढ़ाता है
पार्श्व विभज्योतक – तने की मोटाई बढ़ाता है
अंतर्विष्ट विभज्योतक – पत्तियों और टहनियों के आधार पर पाया जाता है
विशेषताएँ
कोशिकाएँ छोटी और पतली भित्ति वाली होती हैं
कोशिकाओं के बीच कोई रिक्त स्थान नहीं होता
नाभिक बड़ा और सक्रिय होता है
स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)
जब विभज्योतक कोशिकाएँ विभाजन की क्षमता खो देती हैं और विशेष कार्य के लिए विकसित हो जाती हैं, तो उन्हें स्थायी ऊतक कहते हैं।
स्थायी ऊतक के प्रकार
सरल स्थायी ऊतक
जटिल स्थायी ऊतक
सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue)
ये एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं और विशिष्ट कार्य करते हैं।
पैरेन्काइमा (Parenchyma)
यह सबसे सामान्य ऊतक है जो पौधों में व्यापक रूप से पाया जाता है।
कार्य
भोजन का भंडारण
प्रकाश संश्लेषण (क्लोरेन्काइमा)
तैरने में सहायता (ऐरेन्काइमा)
कॉलेन्काइमा (Collenchyma)
यह ऊतक पौधों को लचीलापन प्रदान करता है।
विशेषताएँ
जीवित कोशिकाएँ
कोनों पर मोटी भित्तियाँ
स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma)
यह ऊतक पौधों को मजबूती प्रदान करता है।
विशेषताएँ
मृत कोशिकाएँ
मोटी भित्तियाँ (लिग्निन युक्त)
जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)
ये विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं और संवहन का कार्य करते हैं।
जाइलम (Xylem)
यह जल और खनिजों का परिवहन करता है।
फ्लोएम (Phloem)
यह पत्तियों में बने भोजन का परिवहन करता है।
जाइलम और फ्लोएम में अंतर
| आधार | जाइलम | फ्लोएम |
|---|---|---|
| कार्य | जल परिवहन | भोजन परिवहन |
| दिशा | एक दिशा | दोनों दिशा |
| कोशिकाएँ | मृत | जीवित |
एपिडर्मिस (Epidermis)
यह पौधे की बाहरी सुरक्षात्मक परत होती है।
कार्य
पौधे की रक्षा करना
जल की हानि रोकना
स्टोमेटा (Stomata)
ये पत्तियों में पाए जाने वाले छोटे छिद्र होते हैं जो गैसों के आदान-प्रदान और वाष्पोत्सर्जन में सहायता करते हैं।
जन्तु ऊतक (Animal Tissues)
जन्तु ऊतक वे ऊतक होते हैं जो पशुओं और मनुष्यों में पाए जाते हैं और शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
जन्तु ऊतकों के प्रकार
एपिथीलियम ऊतक
संयोजी ऊतक
पेशीय ऊतक
तंत्रिका ऊतक
एपिथीलियम ऊतक (Epithelial Tissue)
यह शरीर की बाहरी सतह को ढकता है और सुरक्षा प्रदान करता है।
प्रकार
सरल शल्की
स्तरित शल्की
स्तंभाकार
घनाकार
संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
यह ऊतक शरीर के अंगों को जोड़ता है और सहारा देता है।
प्रकार
रक्त
अस्थि
उपास्थि
स्नायु
कंडरा
पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
यह शरीर की गति के लिए जिम्मेदार होता है।
प्रकार
ऐच्छिक पेशी – इच्छा अनुसार कार्य
अनैच्छिक पेशी – स्वतः कार्य
हृदय पेशी – हृदय में पाई जाती है
तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)
यह शरीर में संदेशों का संचार करता है।
न्यूरॉन (Neuron)
यह तंत्रिका कोशिका होती है जो संकेतों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाती है।
महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)
ऊतक समान कोशिकाओं का समूह है
पादप और जन्तु ऊतक अलग-अलग होते हैं
जाइलम और फ्लोएम संवहन करते हैं
पेशीय ऊतक गति के लिए जिम्मेदार है
तंत्रिका ऊतक संदेशों का संचार करता है
निष्कर्ष (Conclusion)
“ऊतक” अध्याय जीवविज्ञान की मूल अवधारणाओं को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमें यह सिखाता है कि कोशिकाएँ मिलकर किस प्रकार जटिल संरचनाओं का निर्माण करती हैं और विभिन्न कार्यों को पूरा करती हैं। इस अध्याय की अच्छी समझ से छात्र आगे के जीवविज्ञान के अध्यायों को आसानी से समझ सकते हैं और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।



